*एनएमडीसी के 50 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य पर संयुक्त खदान मजदूर संघ ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन: 30 ग्राम सोने का इनाम और वेतन समझौते की मांग**

 **एनएमडीसी के 50 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य पर संयुक्त खदान मजदूर संघ ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन: 30 ग्राम सोने का इनाम और वेतन समझौते की मांग**

बचेली, 19 मार्च 2026: भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी **एनएमडीसी लिमिटेड** ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में **50 मिलियन टन** (50 एमटी) के ऐतिहासिक उत्पादन लक्ष्य को हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि देश में किसी भी खनन कंपनी द्वारा एक वित्तीय वर्ष में पहली बार हासिल की गई है, जिसने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस उपलब्धि के बीच कंपनी के **बचेली कॉम्प्लेक्स** में **संयुक्त खदान मजदूर संघ (एसकेएमएस)** ने प्रबंधन को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है।


संघ के सचिव द्वारा एनएमडीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को संबोधित इस ज्ञापन में कंपनी की इस अभूतपूर्व सफलता पर बधाई देते हुए कर्मचारियों के योगदान को सराहा गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि यह उपलब्धि कंपनी के दूरदर्शी नेतृत्व के साथ-साथ सभी कर्मचारियों के अथक परिश्रम, समर्पण और सामूहिक प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है।


ज्ञापन में विशेष रूप से कंपनी के पूर्व घोषित पत्र (संख्या 5(89)/Rules/91, दिनांक 28.10.2024) का जिक्र करते हुए याद दिलाया गया है, जिसमें 50 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य हासिल करने पर प्रत्येक कर्मचारी को **एक लाख रुपये** का इनाम देने की घोषणा की गई थी। इस वादे ने कर्मचारियों में जोश भरा था और सामूहिक उत्कृष्टता को प्रेरित किया था।


अब इस रिकॉर्ड उपलब्धि को और अधिक यादगार बनाने के लिए संघ ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं,

प्रत्येक कर्मचारी को **30 ग्राम सोने** के इनाम की घोषणा की जाए।

कर्मचारियों के मनोबल को और ऊंचा करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी को **दो वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट)** प्रदान की जाएं।

कंपनी के कैजुअल (अस्थायी) श्रमिकों को भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उचित **टोकन राशि** दी जाए, क्योंकि उनकी मेहनत भी इस सफलता में अहम रही है।


इसके अलावा, ज्ञापन में लंबित **वेतन समझौते** को लागू करने की मांग की गई है। संघ ने अनुरोध किया है कि उद्योग मानकों और पिछली प्रतिबद्धताओं के अनुरूप जल्द से जल्द एक **त्रिपक्षीय बैठक** बुलाई जाए, ताकि इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो सके और समझौता लागू किया जा सके।


संघ ने अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक से अपील की है कि वे अपनी सुविधानुसार इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक विचार करें। ज्ञापन में कहा गया है कि कंपनी के निरंतर नेतृत्व और समर्थन से ही एनएमडीसी नई ऊंचाइयों को छू रही है, और कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना इस प्रगति के लिए आवश्यक है।


यह ज्ञापन बचेली एनएमडीसी प्रबंध प्रमुख श्री कोडली श्रीधर को सौंपा गया है। एस के एम एस संघ की ओर से यह कदम कंपनी में उत्पादकता, कर्मचारी कल्याण और औद्योगिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।


एनएमडीसी की यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए बल्कि देश की स्टील इंडस्ट्री और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के लिए भी मील का पत्थर साबित हो रही है। अब देखना यह है कि प्रबंधन इन मांगों पर क्या रुख अपनाता है।

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