*बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जीर्णोद्धार की कवायद तेज, पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत हेतु भेजा 45 लाख से अधिक का प्रस्ताव: जोशी*
दंतेवाड़ा:
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए सरकारी आवासों और मुख्य मार्गों की सूरत जल्द बदलने वाली है। एक जागरूक नागरिकप्रवेश जोशी की पहल और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के हस्तक्षेप के बाद, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मरम्मत कार्यों के लिए कमर कस ली है और लाखों रुपये का प्राक्कलन (Estimate) स्वीकृति हेतु जिला प्रशासन को प्रेषित किया है।
जोशी ने प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से जिला मुख्यालय स्थित जी.ए.डी. कॉलोनी (GAD Colony) में बाढ़ का पानी घुसने से कई शासकीय आवास रहने योग्य नहीं बचे हैं। इसके अतिरिक्त, दंतेवाड़ा-बीजापुर मार्ग (कारली-सरपंचपारा मार्ग) पर बाढ़ के कारण सड़क में गहरा कटाव आ गया था, जिससे दुर्घटना की आशंका और आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
जिला कलेक्टर की त्वरित कार्यवाही
शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग, दक्षिण बस्तर संभाग ने वस्तुस्थिति की जाँच की। कार्यपालन अभियंता (Executive Engineer) ने अपने आधिकारिक पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है:
सड़क मरम्मत: अतिवृष्टि से प्रभावित कारली-सरपंचपारा मार्ग (लंबाई 5.60 कि.मी.) में सड़क कटाव और गड्ढों को भरने के लिए 3.88 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजा गया है।
आवास जीर्णोद्धार: जी.ए.डी. कॉलोनी में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए विभिन्न शासकीय आवासों की मरम्मत एवं रंगरोगन हेतु 42.02 लाख रुपये का प्रस्ताव कलेक्टर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा को प्रेषित किया गया है।
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उक्त दोनों कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। इस आश्वासन और विभागीय कार्यवाही के आधार पर पी.जी. पोर्टल पर दर्ज प्रकरण को अब नस्तीबद्ध (Close) कर दिया गया है। प्रशासन की इस पहल से स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को जल्द ही जर्जर व्यवस्था से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
इस कार्यवाही के लिए जोशी ने शासन और कलेक्टर सर की कार्यशैली को श्रेय दिया।





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