भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा सहित रखी 3 प्रमुख मांगें

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा सहित रखी 3 प्रमुख मांगें


दंतेवाड़ा/बचेली 

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) जिला परिषद दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा ने स्थानीय आदिवासियों के हितों और बस्तर संभाग की ज्वलंत समस्याओं के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। भाकपा ने चेतावनी दी है कि बस्तर के मूलनिवासियों के 'जल, जंगल, जमीन' के संरक्षण के लिए इन मांगों को जनहित में तत्काल पूरा किया जाए।

फर्जी ग्रामसभाओं पर रोक और पेसा कानून के कड़ाई से पालन की मांग

कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव जितेंद्र सोरी, सह सचिव रामलाल नेगी, अनिल वेक और कोषाध्यक्ष बहिलोचन श्रीवास्तव के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पार्टी विगत कई वर्षों से बस्तर में जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। भाकपा ने आरोप लगाया कि बस्तर संभाग में पेसा (PESA) कानून का सही ढंग से पालन नहीं हो रहा है और कई जगहों पर फर्जी ग्रामसभाओं के सहारे आदिवासियों के हक को दबाया जा रहा है, जिसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में शामिल 3 प्रमुख मांगें:

भाकपा ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी हैं:

• डिपोजिट नंबर 04 का काम तुरंत बंद हो: ग्राम सभा के कड़े विरोध के बावजूद डिपोजिट नंबर 04 में शुरू किए गए कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करवाया जाए।

• आरती स्पंज कंपनी का आवंटन रद्द हो: गुमियापाल पंचायत के आलनार प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाली सभी ग्राम पंचायतों की बिना लिखित सहमति के कोई भी कार्य प्रारंभ न किया जाए। साथ ही, आलनार क्षेत्र में 'आरती स्पंज कंपनी' को दिए गए भूमि/प्रोजेक्ट आवंटन को तुरंत रद्द किया जाए।

• L1 और L2 भर्ती प्रक्रिया बहाल हो: किरंदुल एवं बचेली प्रोजेक्ट (NMDC) में काफी समय से रुकी हुई L1 और L2 वर्ग की स्थानीय भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से दोबारा चालू किया जाए ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

"अगर सरकार आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन की रक्षा और पेसा कानून के सही क्रियान्वयन को लेकर गंभीर नहीं होती है, तो पार्टी जनहित में अपने संघर्ष को और तेज करेगी।"

Post a Comment

0 Comments