बस्तर और दंतेवाड़ा के 90 आदिवासी बच्चों को एनएमडीसी बचेली देगी मेडिकल की उच्च शिक्षा, अपोलो यूनिवर्सिटी रवाना
*बुराल्ली भवानी के साथ*
*रामू (रामबाबू) की रिपोर्ट*
जिला दंतेवाड़ा बचेली देश की अग्रणी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड की बचेली परियोजना ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी पहल की है। 'एनएमडीसी स्वास्थ्य कौशल योजना, 2026' के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के कुल 90 अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य अधिष्ठापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बचेली के मंगल भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों के दल को उच्च शिक्षा के लिए रवाना किया गया।
भविष्य की तैयारियों के लिए मिला स्मृति चिन्ह
कार्यक्रम के दौरान एनएमडीसी के सीएसआर विभाग और मुख्य अतिथियों के कर-कमलों द्वारा चयनित सभी 67 छात्राओं और 23 छात्रों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस भावुक और गरिमामयी क्षण के दौरान वहां मौजूद विद्यार्थियों के माता-पिता की आंखों में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के सपने साफ दिखाई दे रहे थे।
मुख्य महाप्रबंधक ने दिखाई हरी झंडी
विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र की उच्च शिक्षा के लिए अपोलो यूनिवर्सिटी, चित्तूर (आंध्र प्रदेश) भेजा जा रहा है। एनएमडीसी बचेली के मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन) श्री टी. शिव कुमार ने मंगलवार सुबह हरी झंडी दिखाकर विद्यार्थियों की बसों को गंतव्य के लिए रवाना किया। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से मुलाकात कर उन्हें मन लगाकर पढ़ने और क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
इन आधुनिक चिकित्सा पाठ्यक्रमों की मिलेगी शिक्षा
चयनित विद्यार्थियों को अपोलो यूनिवर्सिटी में मेडिकल टेक्नोलॉजी के 6 प्रमुख कोर्सेज में पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इसमें शामिल हैं:बीएससी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलॉजी
बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी
बीएससी एनेस्थीसियोलॉजी एंड ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी
बीएससी इमेजिंग टेक्नोलॉजी
बीएससी फिजिशियन असिस्टेंट
बीएससी रिनल डायलिसिस टेक्नोलॉजी
इस गरिमामयी समारोह में एनएमडीसी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारीगण, यूनियन के पदाधिकारी, आदिवासी संघ के प्रतिनिधि, सीएसआर विभाग की टीम और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के अभिभावक उपस्थित थे।

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