किरंदुल की जर्जर जल टंकी और बंद फिल्टर हाउस पर पीएमओ तक पहुंची आवाज़, जनस्वास्थ्य को लेकर उठी चिंता:जोशी*

किरंदुल, दंतेवाड़ा | 29 नवम्बर 2025


किरंदुल नगर के नागरिकों की वर्षों पुरानी समस्या अब देश के सर्वोच्च स्तर तक पहुँच चुकी है। नगर के श्री रामाबुटी क्षेत्र में स्थित मुख्य जल टंकी और फिल्टर हाउस की जर्जर स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रवेश कुमार जोशी द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी गई जनहित याचिका (पंजीयन क्रमांक: PMOPG/E/2025/0182746) को 29 नवम्बर 2025 को प्राप्त कर लिया गया है।


श्री जोशी ने अपनी शिकायत में बताया है कि,

मुख्य जल टंकी अत्यंत पुरानी, गंदी और शैवाल (काई) से ढकी हुई है।  

जल आपूर्ति पाइपलाइन जंग लगी, टूटी और गंदगी से भरी हुई है।  

फिल्टर हाउस वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ठप है।  

परिणामस्वरूप, कई बार दूषित जल की आपूर्ति होती है, जिससे बच्चों और वयस्कों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।


शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित विभाग तत्काल स्थल का निरीक्षण कर,

फोटो एवं वीडियो प्रमाण सहित संरचनात्मक स्थिति की रिपोर्ट,  

जल टंकी की शेल्फ लाइफ रिपोर्ट,  

और जल गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करे।


श्री जोशी ने सुझाव दिया है कि, 

जल टंकी की सफाई एवं शैवाल हटाने का कार्य तत्काल किया जाए।  

पुराने पाइपों की मरम्मत या प्रतिस्थापन किया जाए।  

भविष्य में स्टील की नई टंकी का निर्माण किया जाए जिसकी क्षमता वर्तमान से दुगुनी हो।  

नई पाइपलाइन बिछाकर एक सशक्त जल आपूर्ति प्रणाली विकसित की जाए।  

वर्षों से बंद पड़े फिल्टर हाउस को पुनः चालू किया जाए।


श्री जोशी ने मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन किया है कि वे इस जनस्वास्थ्य से जुड़े विषय को प्राथमिकता दें और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत यह कार्य शीघ्र संपन्न होगा।


यह याचिका न केवल एक शिकायत है, बल्कि एक पूरे नगर की आवाज़ है जो स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की मांग कर रही है। यदि इस दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाते हैं, तो यह न केवल नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी परिचायक होगा।


किरंदुल के नागरिकों को अब उम्मीद है कि यह मुद्दा केवल फाइलों में नहीं सिमटेगा, बल्कि धरातल पर ठोस कार्यवाही के रूप में सामने आएगा।

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