बस्तर जिले के कोडेनार से लोहंडीगुड़ा तक की सड़क, जो कई जिलों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा है, आज जर्जर हालत में है। इस मार्ग की खस्ताहाल स्थिति को लेकर समाजसेवी प्रवेश कुमार जोशी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को एक विस्तृत और भावनात्मक शिकायत पत्र भेजा है, जिसमें तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की गई है।
कोडेनार से लोहंडीगुड़ा तक की लगभग 20 किलोमीटर लंबी सड़क और उस पर बनी पुलियाँ अब खतरनाक रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। यह मार्ग कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, धमतरी, रायपुर और बालोद जैसे जिलों को जोड़ता है, और प्रतिदिन सैकड़ों वाहन—दोपहिया, चार पहिया और भारी ट्रक—इससे गुजरते हैं। मानसून के दौरान और रात में यात्रा करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।
शिकायत के साथ संलग्न की गई तस्वीरों में सड़क की टूटी सतह और पुलियों की भयावह स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो दुर्घटनाओं के खतरे को दर्शाती हैं।
जोशी ने अपील की है,सड़क और पुलियों का तकनीकी निरीक्षण,विस्तृत रिपोर्ट की प्रस्तुति,पुनर्निर्माण की स्वीकृति (PMGYSY या अन्य योजना के तहत),पुलियों का ऊँचा, चौड़ा और मजबूत पुनर्निर्माण, समयबद्ध निधि आवंट, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
“यह सड़क सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि बस्तर की सामाजिक-आर्थिक प्रगति की धुरी है। इसके पुनर्निर्माण से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि प्रशासन में जनता का विश्वास भी बहाल होगा।”
बस्तर और आसपास के जिलों के निवासी इस पहल को एक सकारात्मक संकेत मानते हैं और आशा करते हैं कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस मार्ग का पुनर्निर्माण शीघ्र शुरू होगा।
यदि यह परियोजना समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी होती है, तो यह छत्तीसगढ़ के ग्रामीण बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।

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